उम्र जलवो में बशर हो ये जरूरी तो नहीं !

उम्र जलवो में बशर हो ये जरूरी तो नहीं !

उम्र जलवो में बशर हो ये जरूरी तो नहीं !

मय  आठो पहर हो ये जरूरी तो नहीं !!

चश्म -ए-शाकी से पियो या लब-ए-सागर  से पियो !

हर शब् -ए-गम  की शहर हो ये ज़रूरी तो नहीं !!

नींद तो दर्द के बिस्तर में भी आ सकती है !

उनके आगोश में ये सर हो ये ज़रूरी तो नहीं !!

शेख करता है मस्जिद में खुदा को सजदे !

उनके सजदों में असर हो ये ज़रूरी तो नहीं !!

सबकी नज़रों में हो साकी ये ज़रूरी तो नहीं !

हर शब् -ए- गम  की शहर हो ये ज़रूरी तो नहीं !!

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