गमे आशिकों में जो कलम का  सहारा मिला।

गमे आशिकों में जो कलम का  सहारा मिला।

गमे आशिकों में जो कलम का  सहारा मिला।

 डूबती कश्ती को जैसे कोई किनारा मिला।।
 मैंखाने में जाकर जिस दिल को टटोला मैंने।
 मुझे वह दिल ही मोहब्बत का मारा मिला।।

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