दिल तो दिल था समंदर का साहिल नहीं .

दिल तो दिल था समंदर का साहिल नहीं .

दिल तो दिल था समंदर का साहिल नहीं,

 

  1. वो रूठे इस कदर की मनाया न गया,

    दुर्र इतने हो गए कि पास बुलाया ना गया,

    दिल तो दिल था समंदर का साहिल नहीं,

    लिख दिया नाम तो फिर मिटाया ना गया.


That anger was not celebrated like this,
The Durr became so close that they were not called,
Heart was heart, not the sea lord
Wrote the name was not deleted again.

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