फिर चुपके से याद आ गया कोई!

फिर चुपके से याद आ गया कोई! मेरी आंखों को फिर रुला गया कोई!! कैसे उनका शुक्र अदा करें यह दीवाना! मुझ नाचीज को शायर बना गया कोई!! फसाना दर्द से डूबा हुआ हमने सुनाया जब! जमाना कह उठा यह तो बड़ी दिलकश कहानी है!! अभी बाकी है तेरा मेरा काम वो हमदम! मुझे गुलशन सजाना है तुझे बिजली गिरानी है!

फिर चुपके से याद आ गया कोई! 

मेरी आंखों को फिर रुला गया कोई!! 

कैसे उनका शुक्र अदा करें यह दीवाना!

 मुझ नाचीज को शायर बना गया कोई!!

फसाना दर्द से डूबा हुआ हमने सुनाया जब!

जमाना कह उठा यह तो बड़ी दिलकश कहानी है!!

अभी बाकी है तेरा मेरा काम वो हमदम!

 मुझे गुलशन सजाना है तुझे बिजली गिरानी है!!

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