मेरी सब कोशिशे नाकाम थी उसको मनाने की !

मेरी सब कोशिशे नाकाम थी उसको मनाने की !

मेरी सब कोशिशे नाकाम थी उसको मनाने की !
कहाँ से सीखी है जालिम ने अदाये रूठ जाने की !!

हजारो मिनन्तो पर भी खफा रहता है वो मुझसे !
वो यूं चुप है कसम खाई हो जैसे मुस्कुराने की !!
मै उसकी हो गयी लेकिन वो मेरा नहीं हो सकता !
हवा कैसे लग गई उसको ज़माने की !!
ये रोजे सबकी तन्हाई मुझे तो मार डालेगी !
कहाँ फुरसत है हरजाई को मेरे पास आने की !!

मेरी सब कोशिशे नाकाम थी उसको मनाने की !
मेरी सब कोशिशे नाकाम थी उसको मनाने की !

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