वक्त के साथ-साथ हालात बदल जाते हैं !

वक्त के साथ-साथ हालात बदल जाते हैं ! अपनो तक के ख्यालात बदल जाते हैं !! जब बुरा वक्त आता है मेरे दोस्तों ! खुद अपने ही जज्बात बदल जाते हैं!! लोग देते हैं विश्वास फिर तोड़ देते हैं ! कुछ देर साथ देते हैं फिर छोड़ देते हैं !! इस जहां में क्या नहीं देखा हमने यारो! यहां लोग रोशनी दिखाकर आंखें फोड़ देते हैं!! लिखी कभी तकदीर की मरते दम तक न निकली ! इतनी बुरी हालात थी कि कफन में भी कमी निकली!! उठा जब मेरा जनाजा तो पारी भी धुन्नी निकली ! मेरी जब कब्र खोदी गई तो जमी भी पत्थर की निकली!! लोग आ गए आखरी रहनुमा की चालों में ! खौफ था अंधेरों का हम लुट गया उजालों में!! आप कुछ भी कहें लेकिन यह हमारा दावा है! कि, हम ही आके रहते हैं आपके ख्यालों में!! लम्हे मंजर व मंजर बिखरने लगे ! सारे दीवारो दर से उतरने लगे !! वक्त धूप दोनों पर एक सी पड़ी ! कि आप साँवला गए और हम निखरने लगे!! रस्ते दिखा दिए तमन्नाओं के शमशानों के! सीना चीर कर रख दिए रकीबों ने अरमानों के!! मोहब्बत का दुश्मन सदियों से रहा है जमाना ! कहां होते हैं पूरे दोस्तों ख्वाब हम दीवानों के!!
 

वक्त के साथ-साथ हालात बदल जाते हैं !

अपनो तक के ख्यालात बदल जाते हैं !!

जब बुरा वक्त आता है मेरे दोस्तों !

खुद अपने ही जज्बात बदल जाते हैं!!


लोग देते हैं विश्वास फिर तोड़ देते हैं !

कुछ देर साथ देते हैं फिर छोड़ देते हैं !!

इस जहां में क्या नहीं देखा हमने यारो! 

यहां लोग रोशनी दिखाकर आंखें फोड़ देते हैं!!

लिखी कभी तकदीर की मरते दम तक न निकली !

इतनी बुरी हालात थी कि कफन में भी कमी निकली!! 

उठा जब मेरा जनाजा तो पारी भी धुन्नी निकली !

मेरी जब कब्र खोदी गई तो जमी भी पत्थर की निकली!!


लोग आ गए आखरी रहनुमा की चालों में !

खौफ था अंधेरों का हम लुट गया उजालों में!! 

आप कुछ भी कहें लेकिन यह हमारा दावा है! 

कि, हम ही आके रहते हैं आपके ख्यालों में!!


लम्हे मंजर व मंजर बिखरने लगे !

सारे दीवारो दर से उतरने लगे !!

वक्त धूप दोनों पर एक सी पड़ी !

कि आप साँवला गए और हम निखरने लगे!!


रस्ते दिखा दिए तमन्नाओं के शमशानों के! 

सीना चीर कर रख दिए रकीबों ने अरमानों के!! 

मोहब्बत का दुश्मन सदियों से रहा है जमाना !

कहां होते हैं पूरे दोस्तों ख्वाब हम दीवानों के!!

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