जिंदगी हादसों में अपनी तमाम हुई जाती है !



जिंदगी हादसों में अपनी तमाम हुई जाती है !


हर एक हसरत मेरी यहाँ नाकाम हुई जाती है !!


भरोसा दिलाकर लुटा है मेरे यार ने मुझको !


मुहब्बत हर मोड़ पर मेरी बदनाम हुई जाती है !!


 

जिंदगी है और दिले  नादाँन है !


क्या सफर है और क्या सामान है !!


मेरे गम को भी समझ तो दिखिए हुजूर !


मुस्कुरा देना तो बहुत आसान है !!



जब भी मिला तो मिल के दिल को दुखा गया !


बिछड़ा तो याद बनके रंगो में समां गया !!


कितना करीब था वो सभी दूरियों के साथ !


देकर हसींन  ख्वाब वो मुझको सुला गया !!



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