गम की धूप में कभी तो नहा कर देखो।

गम की धूप में कभी तो नहा कर देखो।  जिंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो।। आरजू ,तमन्नाए ,हसरते, उम्मीद, ख्वाब सब फरेब है।   मगर जिंदगी में एक बार खा कर तो देखो।।
गम की धूप में कभी तो नहा कर देखो।
 जिंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो।।
आरजू ,तमन्नाए ,हसरते, उम्मीद, ख्वाब सब फरेब है। 
 मगर जिंदगी में एक बार खा कर तो देखो।।

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