उम्र जलवो में बशर हो ये जरूरी तो नहीं !

उम्र जलवो में बशर हो ये जरूरी तो नहीं !

उम्र जलवो में बशर हो ये जरूरी तो नहीं !

मय  आठो पहर हो ये जरूरी तो नहीं !!

चश्म -ए-शाकी से पियो या लब-ए-सागर  से पियो !

हर शब् -ए-गम  की शहर हो ये ज़रूरी तो नहीं !!

नींद तो दर्द के बिस्तर में भी आ सकती है !

उनके आगोश में ये सर हो ये ज़रूरी तो नहीं !!

शेख करता है मस्जिद में खुदा को सजदे !

उनके सजदों में असर हो ये ज़रूरी तो नहीं !!

सबकी नज़रों में हो साकी ये ज़रूरी तो नहीं !

हर शब् -ए- गम  की शहर हो ये ज़रूरी तो नहीं !!

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यह वफा कर दिया आपने इनाम मुझे !

आपके दिल में क्या है बता दीजिए ! यू ना खामोश रहकर सजा दीजिए !! या तो वादा वफा का पूरा करें ! या उम्मीदों की समा बुझा दीजिए !! आपको चाहकर कुछ ना चाहा कभी ! मेरी चाहत का कुछ तो सिला दीजिए !! फूल मुरझा गए आप की चाह में ! मुस्कुरा कर उन्हें फिर खिला दीजिए !! सफर में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो ! सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो !! किसी की वास्ते राय कहां बदलती है ! तुम अपने आपको खुद ही बदल सको तो चलो !! यहां किसी को कोई रास्ता नहीं मिलता ! मुझे गिरा के अगर तुम संभल सको तो चलो !! यही है जिंदगी कुछ खाक चाँद उम्मीदें ! इन्हीं खिलौनों से तुम भी बदल सको तो चलो !! लोग जमीन से फलक तक पहुंचते हैं ! हम दौलत वालों के गुलाम रह गए !! हम गरीब की औकात नहीं इससे बढ़कर ! सर को सजदा और हाथों को सलाम रह गए !! चौधरी के बेटे चाहे कुछ भी कर ले ! हम गरीबों के बेटे बदनाम रह गए !! अमीरों की शामे सजती है मय से ! हम गरीबों के अश्को के जाम रह गए !! दस पढ़ के सूबेदार का बेटा हुआ फौजी ! हम गरीबों के बीए भी नाकाम रह गए !! साहूकार की दो छोरियां हैं हाथ भर की लेकिन ! हमारी जुवा को मेम साहब नाम रह गए !! अब चुप रहु तो कैसे तुम ही कहो यारो ! क्या अमिरो के घर जाकर राम रह गए !!

 

यह वफा कर दिया आपने इनाम मुझे !

आपसे दूर रहु मिल गया पैगाम मुझे !!

आपको दिल से भुलाऊ  तो भुलाऊ कैसे !

आपकी याद दिलाती है हर शाम मुझे  !!

महफिले चाँद सितारे मुबारक तुमको !

रास आ जाएगी ये गर्दिशे अय्याम मुझे !!

 दिल के लूटने का सबब पूछ रही है दुनिया !

याद आ ना जाए ऐसे मे तेरा नाम मुझे !!

 

 

मिला करो तो सब से छिपकर मिला करो !

उंगलिया उठाने की आदत है जमाने की !!

बड़ी मुद्दत से भटक रहा हूं मैं सनम !

एक उम्र से तलाश है एक आशियाने की !!

 उन्हें देखने से मिलता है दिल को सुकून !

और जरूरत क्या रही साकि या पैमाने की !!

काश कि तुम मिलो तन्हाई भरी रातों में  !

चाहत है तुम्हें दर्दे दिल की दास्तां सुनाने की  !!

प्यार तो हर कोई कर लेता है यहां  !

किसी -किसी में हिम्मत होती है इसे निभाने की !!

दो कदम मेरे साथ चलकर जुदा हो गए !वफा का दम भरने वाले बेवफा हो गए !!उन्हीं की याद में गुजरते हैं रात-दिन !वही जो प्यार करके खफा हो गए !!मेरी कश्ती को बीच भंवर में छोड़कर !किसी और की कश्ती के ना खुदा हो गए !!जियेंगे अब कैसे उन्हें देखे बिना !वह तो आज डोली में बैठकर विदा हो गए !!

 


दो कदम मेरे साथ चलकर जुदा हो गए  !

वफा का दम भरने वाले बेवफा हो गए  !!

उन्हीं की याद में गुजरते हैं रात-दिन  !

वही जो प्यार करके खफा हो गए !!

मेरी कश्ती को बीच भंवर में छोड़कर !

किसी और की कश्ती के ना खुदा हो गए !!

जियेंगे अब कैसे उन्हें देखे बिना !

वह तो आज डोली में बैठकर विदा हो गए !!

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रास्ते खुद ही अपनी तबाही के निकाले हमने !

रास्ते खुद ही अपनी तबाही के निकाले हमने ! कर दिया दिल किसी पत्थर के हवाले हमने !! अरे, हमको मालूम है कि क्या शै है यह मोहब्बत लोगों ! अपना घर फूंक के देखे हैं उजाले हमने!! रास्ता कांटे के हर बार गुजर जाता है ! जैसे प्रदेश में त्यौहार गुजर जाता है !! जिंदगी इश्क में तो गुजरी है अपनी ऐसे ! जैसे बाजार से नदार गुजर जाता है!!
 

रास्ते खुद ही अपनी तबाही के निकाले हमने !

 

कर दिया दिल किसी पत्थर के हवाले हमने !!

 

अरे, हमको मालूम है कि क्या शै है यह मोहब्बत लोगों !

 

अपना घर फूंक के देखे हैं उजाले हमने!!

 

रास्ता कांटे के हर बार गुजर जाता है !

 

जैसे प्रदेश में त्यौहार गुजर जाता है !!

 

जिंदगी इश्क में तो गुजरी है अपनी ऐसे !

 

जैसे बाजार से नदार गुजर जाता है!!

 

 
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मेरी याद में ताजमहल बनाने वाले !

मेरी याद में ताजमहल बनाने वाले ! आज मेरा कफन बनाने लगे हैं !! साथ जीने मरने की कसम खाने वाले ! आज तनहा ही हमे दफनाने लगे!! मैं ख्वाबों में अक्सर उनसे मिला करता हूं ! हंसता हूं रोता हूं शिकवा गिला करता हूं !! कह नहीं पाता मैं हकीकत में उनसे ! कि ऐ हंसी मैं तुमसे मोहब्बत भी करता हूं!! मुस्कुराओ तो कोई बात बने ! और गुनगुन आओ तो कोई बात बने !! अजी ! दूर रहने से क्या फायदा ! करीब आओ तो कोई बात बने !! मोहब्बत में हर मोड़ पर एक नया इम्तिहान होता है ! गम तो ठहर जाते हैं पर खुशी का पल मेहमान होता है !! किसी के मोहब्बत करके दिल पर रहता नहीं जोड़ अपना ! यह दिल वही करता है जो दिलबर का फरमान होता है!!

मेरी याद में ताजमहल बनाने वाले !

आज मेरा कफन बनाने लगे हैं !!

साथ जीने मरने की कसम खाने वाले !

आज तनहा ही हमे दफनाने लगे!!
मैं ख्वाबों में अक्सर उनसे मिला करता हूं !

हंसता हूं रोता हूं शिकवा गिला करता हूं !!

कह नहीं पाता मैं हकीकत में उनसे !

कि ऐ हंसी मैं तुमसे मोहब्बत भी करता हूं!!

मुस्कुराओ तो कोई बात बने !

और गुनगुन आओ तो कोई बात बने !!

अजी ! दूर रहने से क्या फायदा !

करीब आओ तो कोई बात बने !!
मोहब्बत में हर मोड़ पर एक नया इम्तिहान होता है !

गम तो ठहर जाते हैं पर खुशी का पल मेहमान होता है !!

किसी के मोहब्बत करके दिल पर रहता नहीं जोड़ अपना !

यह दिल वही करता है जो दिलबर का फरमान होता है!!

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निगाहें नाज तेरी मस्ताना कर गई!

निगाहें नाज तेरी मस्ताना कर गई! सारी दुनिया से ही बेगाना कर गई !! तूने एक बार मुस्कुराकर क्या देखा ! तेरी वही अदा मुझे दीवाना कर गई!! नसीब तेरे दर पर आजमाने आया हूं! तुमको अपनी कहानी सुनाने आया हूं!! गिरा भी दो मेरी हालत पर दो आंसू! अपने दिल की लगी आग बुझाने आया हूं!! ना हौसले न इरादे बदल रहे हैं लोग! थके थके से हैं मगर फिर भी चल रहे हैं लोग!! न वफा न प्यार न वसूल कोई ! न जाने कौन से सांचे में ढल रहे हैं लोग!!

निगाहें नाज तेरी मस्ताना कर गई!

सारी दुनिया से ही बेगाना कर गई !!

तूने एक बार मुस्कुराकर क्या देखा !

तेरी वही अदा मुझे दीवाना कर गई!!
नसीब तेरे दर पर आजमाने आया हूं! 

तुमको अपनी कहानी सुनाने आया हूं!!

 गिरा भी दो मेरी हालत पर दो आंसू!

 अपने दिल की लगी आग बुझाने आया हूं!!
ना हौसले न इरादे बदल रहे हैं लोग! 

थके थके से हैं मगर फिर भी चल रहे हैं लोग!! 

न वफा न प्यार न वसूल कोई !

न जाने कौन से सांचे में ढल रहे हैं लोग!!

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दिल में तेरे ही प्यार की हसरत करूँगा मैं !

दिल में तेरे ही प्यार की हसरत करूँगा मई ! मर जाऊंगा पर तुम्ही से मुहब्बत करूँगा मैं !! एक एक पैसा जोड़कर रखूँगा जानेमन ! दिन रात तेरे वास्ते मेहनत करूँगा मई !!

दिल में तेरे ही प्यार की हसरत करूँगा मैं  !
मर जाऊंगा पर तुम्ही से मुहब्बत करूँगा मैं !!
एक एक पैसा जोड़कर रखूँगा जानेमन !
दिन रात तेरे वास्ते मेहनत करूँगा मई !!

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फिर चुपके से याद आ गया कोई!

फिर चुपके से याद आ गया कोई! मेरी आंखों को फिर रुला गया कोई!! कैसे उनका शुक्र अदा करें यह दीवाना! मुझ नाचीज को शायर बना गया कोई!! फसाना दर्द से डूबा हुआ हमने सुनाया जब! जमाना कह उठा यह तो बड़ी दिलकश कहानी है!! अभी बाकी है तेरा मेरा काम वो हमदम! मुझे गुलशन सजाना है तुझे बिजली गिरानी है!

फिर चुपके से याद आ गया कोई! 

मेरी आंखों को फिर रुला गया कोई!! 

कैसे उनका शुक्र अदा करें यह दीवाना!

 मुझ नाचीज को शायर बना गया कोई!!

फसाना दर्द से डूबा हुआ हमने सुनाया जब!

जमाना कह उठा यह तो बड़ी दिलकश कहानी है!!

अभी बाकी है तेरा मेरा काम वो हमदम!

 मुझे गुलशन सजाना है तुझे बिजली गिरानी है!!

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बुझाने से चिराग यादो के बुझते नहीं!

बुझाने से चिराग यादो के बुझते नहीं! प्यार करने वालों के हौसले गीरते नहीं!! इश्क सच्चा हो तो झुक जाता है आसमा ! शिरदुनिया के आगे दिल वालों के झुकते नहीं !!

बुझाने से चिराग यादो के बुझते नहीं! 

प्यार करने वालों के हौसले गीरते नहीं!!

इश्क सच्चा हो तो झुक जाता है आसमा !

शिरदुनिया के आगे दिल वालों के झुकते नहीं !!

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मेरे सामने महफ़िल में आए बैठे हैं!

मेरे सामने महफ़िल में आए बैठे हैं! अपने हाथों में मेरा दिल दबाए बैठे हैं !! हमने पूछा कि क्या है हाथों में ! बहाना बना दिया कि मेहंदी लगाए बैठे हैं!!

 

मेरे सामने महफ़िल में आए बैठे हैं! 

अपने हाथों में मेरा दिल दबाए बैठे हैं !!

हमने पूछा कि क्या है हाथों में !

बहाना बना दिया कि मेहंदी लगाए बैठे हैं!!

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तेरी ये उम्र जिसे हम शराब कहते है !

तेरी ये उम्र जिसे हम शराब कहते है ! कशम खुदा की इसे हम शबाब कहते है !! गुलो की यु तो चमन में कमी नहीं होगी ! वह तेरे लव है जिन्हे हम गुलाब कहते है !!
लव

तेरी ये उम्र जिसे हम शराब कहते है !
कशम खुदा की इसे हम शबाब कहते है !!
गुलो की यु तो चमन में कमी नहीं होगी !
वह तेरे लव है जिन्हे हम गुलाब कहते है !!

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