ऊंचा उठना है तो तीतली से सबक लो!

ऊंचा उठना है तो तीतरी से सबक लो! कद छोटा मगर ऊंची उड़ान होती है !! खुद को जो मिटा देते हैं दूसरों के लिए ! उन्हीं को सबसे अलग पहचान होती है!! इश्क के गुलशन को गुले गुलजार ना कर ! ये नदान इंसान किसी से प्यार ना कर!! बहुत धोखे देते हैं मोहब्बत में हुस्न वाले ! इन हसीनों का भूल कर भी ऐतबार ना कर!! आंखों में रहा दिल में उतरकर नहीं देखा ! कश्ती के मुसाफिर ने समंदर नहीं देखा !! और पत्थर कहता है मुझे मेरा चाहने वाला! अरे मैं मॉम हूं उसने मुझे छू कर नहीं देखा!! अपने दिल का प्यार परखना छोड़ दिया ! कितने किए सितम हिसाब रखना छोड़ दिया !! डरता हूं किसी ख्वाबों में भी आप सितम ना करें ! इसलिए आंखों में भी ख्वाब रखना छोड़ दिया!!

ऊंचा उठना है तो तीतली से सबक लो!

 कद छोटा मगर ऊंची  उड़ान होती है !!खुद को जो मिटा देते हैं दूसरों के लिए !उन्हीं को सबसे अलग पहचान होती है!!
इश्क के गुलशन को गुले गुलजार ना कर !ये नदान इंसान किसी से प्यार ना कर!! बहुत धोखे देते हैं मोहब्बत में हुस्न वाले !इन हसीनों का भूल कर भी ऐतबार ना कर!!
आंखों में रहा दिल में उतरकर नहीं देखा !कश्ती के मुसाफिर ने समंदर नहीं देखा !!और पत्थर कहता है मुझे मेरा चाहने वाला! अरे मैं मॉम हूं उसने मुझे छू कर नहीं देखा!!
अपने दिल का प्यार परखना छोड़ दिया !कितने किए सितम हिसाब रखना छोड़ दिया !!डरता हूं किसी ख्वाबों में भी आप सितम ना करें !इसलिए आंखों में भी ख्वाब रखना छोड़ दिया!!

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कभी कहा नहीं तेरे से तेरे फसाने को!

कभी कहा नहीं तेरे से तेरे फसाने को जाने कैसे खबर लग गई इस जमाने को दुआ बाहर की मांगी तो इतने फूल मिले कहीं जगह नहीं मिली मेरे आशियाने को कोई गम नहीं एक तेरी जुदाई के सिवा मेरे हिस्से में क्या आया तन्हाई के सिवा मिलन की रात यूं ही मिलीबे मुसार प्यार मिक्स अब खुद मिला शहनाई के सिवा कभी देख कर मुस्कुराया तो होता कभी हां में सर हिलाया होता बेवफाई का दर्द रोज देती हो हमने कभी अपने दरवाजे पर बुलाया होता उड़ गया आज पंक्षी ही डाल से दिल बहलाने रहे हम तेरे ख्याल से अच्छा हुआ जो तुमने दामन चुरा लिया हम भी बच गया आने वाले भोपाल से

कभी कहा नहीं तेरे से तेरे फसाने को!

जाने कैसे खबर लग गई इस जमाने को !!

दुआ बहार की मांगी तो इतने फूल मिले !

कहीं जगह नहीं मिली तेरे आशियाने को!!
कोई गम नहीं एक तेरी जुदाई के सिवा !

मेरे हिस्से में क्या आया तन्हाई के सिवा !!

मिलन की रात यूं तो मिली बेसुमार !

प्यार में सब कुछ मिला शहनाई के सिवा !!

कभी देख कर मुस्कुराया तो होता !

कभी हां में सर को हिलाया तो होता !!

बेवफाई का दर्द रोज देती हो हमें !

कभी अपने दरवाजे पर बुलाया तो होता!!
उड़ गया आज पंक्षी ही डाल से !

दिल बहलाते रहे है हम तेरे ख्याल से !!

अच्छा हुआ जो तुमने दामन छुरा लिया !

हम भी बच गये आने वाले भूचाल से!!

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चांदनी को ढूंढिए सितारों में क्या मिलेगा !

चांदनी को ढूंढिए सितारों में क्या मिलेगा ! फूलों को तोड़िये खारो से क्या मिलेगा !! गर चाहते हो ढूंढ ना कोई नयाब हिरा तुम! तो गहराइयों में जाइए किनारों में क्या मिलेगा!! खूने दस्तखत के नीचे सुला के छोड़ गया! अजीब शख्स था सपने दिखाकर छोड़ गया!! यह उजड़ा हुआ चमन तो उसी की निशानी है ! जो अपनों को तख्ती पर लिटा कर छोड़ गया!!

चांदनी को ढूंढिए सितारों में क्या मिलेगा !

फूलों को तोड़िये खारो से क्या मिलेगा !!

गर चाहते हो ढूंढ ना कोई नयाब हिरा तुम ! 

तो गहराइयों में जाइए किनारों में क्या मिलेगा !!
खूने दस्तखत के नीचे सुला के छोड़ गया ! 

अजीब शख्स था सपने दिखाकर छोड़ गया !! 

यह उजड़ा हुआ चमन तो उसी की निशानी है !

जो अपनों को तख्ती पर लिटा कर छोड़ गया!!
Find the moonlight, what will be found in the stars!Break the flowers, what will you get from Kharo !!You don’t want to find a new person!  So go into the depths, what will you find in the edges !!
Sleep left under the signature of blood!  It was a strange person and left dreaming !!  This ruined chaman is a sign of that!Who left his loved ones on the plank !!

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अपना दिल अपनी ही तबाही का सबब होता है!

अपना दिल अपनी ही तबाही का सबब होता है! ये जवानी का जमाना भी अजब होता है!! कौन सी बात पे किसका दिल दुखा दिया ! बोलने वाले को ये एहसास की कब होता है!! जुनूनी इश्क का सबसे अलग दस्तूर होता है! करीब आते हैं बेगाने परवाना दूर होता है !! मोहब्बत के नशे में जब आदमी चूर होता है ! तो उसे महबूब का हर फैसला मंजूर होता है!!

अपना दिल अपनी ही तबाही का सबब होता है! 

ये जवानी का जमाना भी अजब होता है!!

कौन सी बात पे किसका दिल दुखा दिया !

बोलने वाले को ये  एहसास की कब होता है!!


जुनूनी इश्क का सबसे अलग दस्तूर होता है!

करीब आते हैं बेगाने परवाना दूर होता है !!

मोहब्बत के नशे में जब आदमी चूर होता है !

तो उसे महबूब का हर फैसला मंजूर होता है!!

 

   Your heart is the cause of its own destruction  This era of youth is also amazing !!  Whose heart was hurt on what!  When does the speaker realize that !!Passionate love has a different way!  Come closer, Parwana is far away !!When a man gets drunk while in loveSo he accepts every decision of Mehboob !! 

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