फरेब था या हंसी मैं आशिकी समझ बैठा।

फरेब था या हंसी मैं आशिकी समझ बैठा। मौत को ही मैं अपनी जिंदगी समझ बैठा।। वक़्त की गर्दिश थी या बदनसीबी मेरी। अपने साए को ही मैं अपनी चांदनी समझ बैठा।।

फरेब था या हंसी मैं आशिकी समझ बैठा। 

मौत को ही मैं अपनी जिंदगी समझ बैठा।।

वक़्त की गर्दिश थी या बदनसीबी मेरी।

अपने साए को ही मैं अपनी चांदनी समझ बैठा।।

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ना इनकी नजर में मोहब्बत मिलेगी।

ना इनकी नजर में मोहब्बत मिलेगी। ना अदाओं में सातगाणी मिलेगी।। इन हसीनो से तुमने नजर जो मिलाई। तो मिट्टी में तेरी जवानी मिलेगी।।

ना इनकी नजर में मोहब्बत मिलेगी।

 ना अदाओं में सातगाणी मिलेगी।।

इन हसीनो से तुमने नजर जो मिलाई।

तो मिट्टी में तेरी जवानी मिलेगी।।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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अगर आंसू तेरे निकले तो वह आंखें मेरी हो!

अगर आंसू तेरे निकले तो वह आंखें मेरी हो! अगर दिल तेरा धड़के तो वो धड़कन भी मेरी हो !! खुदा करे कि दोस्ती इतनी गहरी हो ! की नौकरी तू करें और सैलरी मेरी होम !!

अगर आंसू तेरे निकले तो वह आंखें मेरी हो!

 अगर दिल तेरा धड़के तो वो धड़कन भी मेरी हो !! 

खुदा करे कि दोस्ती इतनी गहरी हो ! 

की नौकरी तू करें और सैलरी मेरी होम !!

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