तुम अपनी जुल्फों का जुड़ा बना लो मैडम!

 

तुम अपनी जुल्फों का जुड़ा बना लो मैडम! क्योंकि यह साले नाग जैसे घूमते हैं !! पकड़ कर रख लेगा बजाकर बिन कोई ! क्योंकि गलियों में आजकल सपेरे घूमते हैं!!

 

 तुम अपनी जुल्फों का जुड़ा बना लो मैडम! 

क्योंकि यह साले नाग जैसे घूमते हैं !!

पकड़ कर रख लेगा बजाकर बिन कोई !

क्योंकि गलियों में आजकल सपेरे घूमते हैं!!

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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गम की धूप में कभी तो नहा कर देखो।

गम की धूप में कभी तो नहा कर देखो। जिंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो।। आरजू ,तमन्नाए ,हसरते, उम्मीद, ख्वाब सब फरेब है। मगर जिंदगी में एक बार खा कर तो देखो।।

गम की धूप में कभी तो नहा कर देखो।

 जिंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो।।

आरजू ,तमन्नाए ,हसरते, उम्मीद, ख्वाब सब फरेब है। 

 मगर जिंदगी में एक बार खा कर तो देखो।।

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