Emotional Sad Shayari

इश्क के चांद को अपनी पनाह में रहने दो .लबों को ना खोलो आंखों को कुछ कहने दो

हर बार हम पर इल्जाम लगा देते हो मुहब्बत का कभी खुद से भी पूंछा है इतनी खूबसूरत क्यों हो

चुभते हुए ख्वाबों से कह दो अब आया ना करे हम तन्हा तसल्ली से रहते है बेकार उलझाया ना करे

जनाब की मोहब्बत का तरीका भी खुशनूमा है गला दबाकर कहती है हमे बाँहो मे भर लो

यूँ पलके बिछा कर तेरा इंतज़ार करते है यह वो गुनाह है जो हम बार बार करते है

ये लाली ये काजल ये जुल्फें भी खुली खुली तुम यूँ ही जान मांग लेती, इतना इंतजाम क्यूँ किया

लाजिमी नहीं की आपको आँखों से ही देखूं आपको सोचना आपके दीदार से कम नहीं

मेरी तन्हाईया गवाह है इस बात की अब तक तेरी जगह कोई नहीं ले पाया

मुझे यकीन है एक दिन तुम लौट आओगे फिर चाहे वो दिन मेरी मौत का ही क्यों न हो

जब हम किसी को दिल से याद कर रहे होते है तोह उसकी फोटो ज़ूम करके देख लेते है