उसकी याद आई है साँसों जरा अहिस्ता चलो, धड़कनों से भी इबादत में खलल पड़ता है।

Yad Shayari

नहीं है कुछ भी मेरे दिल में सिवा उसके, मैं उसे अगर भुला दूँ तो याद क्या रखूँ।

कुछ खूबसूरत पलों की महक सी हैं तेरी यादें, सुकून ये भी है कि ये कभी मुरझाती नहीं।

अहसास मिटा,तलाश मिटी, मिट गई उम्मीदें भी, सब मिट गया पर जो न मिट सका वो है यादें तेरी।

याद करेंगे तो दिन से रात हो जायेगी, आईने को देखिये हमसे बात हो जायेगी, शिकवा न करिए हमसे मिलने का, आँखे बंद कीजिये मुलाकात हो जायेगी।

तुझे याद करना न करना अब मेरे बस में कहाँ दिल को आदत है हर धड़कन पे तेरा नाम लेने की।

जिससे चाहा था बिखरने से बचा ले मुझको, कर गया तेज हवाओं के हवाले मुझ को, मैं वो बुत हूँ कि तेरी याद मुझे पूजती है, फिर भी डर है ये कहीं तोड़ न डाले मुझको।

अब बुझा दो ये सिसकते हुए यादों के चराग, इनसे कब हिज्र की रातों में उजाला होगा।

बहुत ही याद आता है मेरे दिल को तड़पता है, वो तेरा पास न होना बहुत मुझको रुलाता है।